स्वदेश समाचार
संवाददाता
अशोकनगर:-
शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप तथा शिक्षकों के सम्मान से जुड़े कथित आपत्तिजनक वक्तव्य के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) अशोकनगर द्वारा आज जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने NSUI का पुतला दहन कर और पुतले को चप्पलों की माला पहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में विद्यार्थी परिषद के अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विद्यार्थी परिषद के के गुना-अशोकनगर विभाग संयोजक अमन रघुवंशी ने बताया कि एक ओर एनएसयूआई शैक्षणिक संस्थानों के राजनीतिकरण को बंद करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर स्वयं राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अपनी पेरेंट्स संगठन कांग्रेस के साथ शिक्षण संस्थानों से जुड़े विषयों को लेकर प्रदर्शन करती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा, विद्यार्थियों के हित और शिक्षकों के सम्मान के लिए आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत गुरु-शिष्य परंपरा की भूमि है और हमारी संस्कृति में गुरु को सदैव सम्मान का स्थान दिया गया है। ऐसे में शिक्षकों के प्रति किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या अपमानजनक भाषा का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण है। विद्यार्थी परिषद ऐसी भाषा और शिक्षकों के अपमान का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय को पूरे देश में छात्र राजनीति और छात्र शक्ति का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है, लेकिन एनएसयूआई और उसके नेताओं ने छात्र राजनीति को किस स्तर तक पहुंचा दिया है, यह सभी के सामने है। उन्होंने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस प्रकार पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरने के बाद कर्मचारी जीरो चेक करता है, उसी प्रकार एनएसयूआई और उनके नेता राहुल गांधी ने छात्र राजनीति में अपनी स्थिति का “जीरो चेक” करवा दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के वास्तविक मुद्दों से दूर रहकर केवल राजनीतिक प्रदर्शन करना छात्र हित में नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान आरएसएस के खिलाफ लगाए गए नारों पर उन्होंने कहा कि “आरएसएस मुर्दाबाद” के नारे लगाने वालों को पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में जाकर देखना चाहिए कि आरएसएस क्या है और उसकी विचार एवं कार्यपद्धति क्या है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति विशेष की राजनीति नहीं करता, बल्कि राष्ट्र और समाज को केंद्र में रखकर कार्य करता है। संघ भारत माता को अपना आराध्य मानने वाला और भगवा ध्वज के प्रति श्रद्धा रखने वाला संगठन है।
उन्होंने कहा, “आरएसएस को मुर्दाबाद कहने से पहले संघ को जानिए, उसकी शाखा में जाकर देखिए। केवल राजनीतिक विरोध के कारण किसी संगठन के बारे में नारे लगाना उचित नहीं है।”
उन्होंने एनएसयूआई पर निशाना साधते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद व्यक्ति विशेष की राजनीति के बजाय राष्ट्र, समाज, विद्यार्थी और शिक्षक सम्मान को प्राथमिकता देती है। शिक्षकों का सम्मान किसी एक संगठन का विषय नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य से जुड़ा विषय है। विद्यार्थी परिषद शिक्षकों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “एनएसयूआई हाय-हाय”, “एनएसयूआई मुर्दाबाद”, “एनएसयूआई शर्म करो”, “शिक्षकों के सम्मान में ABVP मैदान में” तथा “कांग्रेस की नैया किसने डुबाई—एनएसयूआई, एनएसयूआई” जैसे नारे लगाए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने NSUI का पुतला दहन किया। प्रदर्शन में विद्यार्थी परिषद के अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।