
अगस्त की शुरुआत में जिन रूटों पर किराया करीब 1000 से 1200 रुपये था, वहां अब यात्रियों को 4000 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। भोपाल से पुणे, मुंबई, प्रयागराज, अहमदाबाद, सागर, रीवा, उज्जैन और छिंदवाड़ा जाने वाली बसों में किराए की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
सबसे ज्यादा असर भोपाल-पुणे, भोपाल-प्रयागराज, भोपाल-उज्जैन और भोपाल-सागर रूट पर दिखाई दे रहा है। सामान्य दिनों में पुणे का बस किराया करीब 1700 रुपये रहता है, लेकिन रक्षाबंधन के दौरान यह बढ़कर 5900 रुपये तक पहुंच गया है। प्रयागराज का किराया 1200 से बढ़कर 4000 रुपये तक हो गया है।
सागर के लिए सामान्य किराया 350 रुपये से बढ़कर 1500 रुपये और उज्जैन का किराया 350 से बढ़कर 1100 रुपये तक पहुंच गया है। अन्य रूटों पर भी किराए में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ट्रैवल कंपनियों का कहना है कि त्योहार के दौरान भोपाल से दूसरे शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। मांग को देखते हुए अतिरिक्त बसें भी लगाई जाती हैं। कंपनियों के अनुसार, यात्रियों को छोड़ने के बाद वापसी में पर्याप्त यात्री नहीं मिलते और कई सीटें खाली रहती हैं। इसी वजह से किराया बढ़ाया जाता है।
हालांकि, आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने कहा कि शासन ने बसों का किराया 2 रुपये प्रति किमी निर्धारित किया है। इससे अधिक किराया वसूले जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
सागर, बीना, विदिशा, हलालपुर से संबंधित बसों के अलावा इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, देवास, सीहोर और रतलाम के लिए बसें उपलब्ध हैं। आईएसबीटी से मुलताई सहित लगभग सभी रूटों की बसें संचालित होती हैं।
रक्षाबंधन पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पश्चिम मध्य रेल ने रानी कमलापति-मदनमहल जनशताब्दी में अतिरिक्त कोच लगाने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 12061 में 25 से 28 अगस्त और गाड़ी संख्या 12062 में 26 से 29 अगस्त 2026 तक एक-एक अतिरिक्त द्वितीय श्रेणी कोच लगाया जाएगा। इससे सीटें बढ़ेंगी और प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है।