ढाका: बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के कोऑर्डिनेटनर और देश की संसद में विपक्ष के चीफ व्हिप नाहिद इस्लाम ने असम में अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर भारत के खिलाफ हमला बोला है। बांग्लादेश की कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन में शामिल नाहिद ने भारत पर बंगाली मुसलमानों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। बांग्लादेशी सांसद ने कहा कि अतिक्रमण विरोधी ताजा कार्रवाई भारत बंगाली मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव के बड़े पैटर्न का हिस्सा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले में कदम उठाने की अपील की।क्या है मामला?
बांग्लादेश से सटे और भारत के पूर्वोत्तर में स्थित असम में वन विभाग ने जंगलों में अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान चलाया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने X पर बताया कि अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंज नीति को जारी रखते हुए असम फॉरेस्ट की टीम ने नागांव के लुटुमाई और बोरपानी रिजर्व फॉरेस्टम में 530 हेक्टेयर जमीन को कब्जे से मुक्त कराया है।मस्जिदों को तोड़े जाने का आरोप
बांग्लादेश के NCP नेता नाहिद इस्लाम ने सोशल मीडिया पर एक बयान में 1100 से ज्यादा बंगाली मुसलमानों के घरों के तोड़े जाने का आरोप लगाया और इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में 10 से अधिक मस्जिदें भी नष्ट कर दी गईं, जिनमें कुछ 50 साल से भी अधिक पुरानी थीं।
नाहिद ने कहा कि प्रशासन ने इन कार्रवाइयों को सरकारी और वन भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने का प्रयास बताया है, लेकिन भारतीय मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि कई परिवारों का इस क्षेत्र से पुराना नाता है और वे आजादी से बहुत पहले से यहां रह रहे हैं। बांग्लादेशी नेता ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कई परिवारों को बेघर और असहाय छोड़ दिया है, जबकि कुछ लोगों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।बंगाली मुसलमानों का दमन
नाहिद इस कार्रवाई को भारत में बंगाली मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव के बड़े पैटर्न का हिस्सा बताया। नाहिद ने पोस्ट में कहा कि बंगाली मुसमलानों को वर्षों से दमन, जबरन बाहर निकाले जाने और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने जैसी समस्या का सामना करना पड़ा है।बांग्लादेश के विपक्षी नेता ने कहा कि इन घटनाओं से भारत में मुस्लिम अल्पसख्यकों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं। उन्होंने इसकी तुलना बाबरी मस्जिद को तोड़े जाने से की, जिसे धार्मिक असहिष्णता और सांप्रदायिक विभाजन का स्थायी प्रतीक बताया। नाहिद ने भारत पर मुसलमानों, ईसाइयों और सिखों जैसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ ही निचली जाति के हिंदुओं को सुरक्षा देने में असफल रहने का आरोप लगाया।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल की अपील
बांग्लादेशी नेता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की अपील की। इसके साथ ही भारत सरकार को मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और धार्मिक स्वतंत्रता में दखल देने के लिए जवाबदेह ठहराए जाने की मा्ंग की। नाहिद ने सभी भारतीय नागरिकों के लिए न्याय और समानता सुनिश्चित करने की अपील की, चाहे उनकी जाति, धर्म या सांस्कृति पहचान कुछ भी हो। नाहिद ने आखिर में लिखा, "भारत के मुसलमान भी भारतीय ही हैं।"