'आप ये क्‍यों कर रहे हैं,' सुनने के बजाय इंस्‍टाग्राम से सीखी तकनीक, ट्रैक बदल अब कर रहे लाखों की कमाई

Updated on 18-10-2026 12:13 PM
नई दिल्‍ली: यह कहानी है प्रसाद रामचवरे की। वह महाराष्ट्र के अकोला जिले से हैं। मास्टर ऑफ फार्मेसी (M.Pharm) करने के बाद कॉर्पोरेट नौकरियों को छोड़ उन्‍होंने कृषि में अपना करियर बनाया। अपनी लगन, वैज्ञानिक नजरिये और सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल से प्रसाद ने विदर्भ की भीषण गर्मी में ड्रैगन फ्रूट की सफल पैदावार की। साथ ही अन्य किसानों के लिए भी मिसाल कायम की। अब वह खेती से लाखों की कमाई कर रहे हैं। आइए, यहां प्रसाद रामचवरे की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।

ऐसे बदल गया ट्रैक

प्रसाद रामचवरे महाराष्ट्र के अकोला जिले में अलंका गांव के रहने वाले हैं। उनके परिवार के पास 15 एकड़ पुश्‍तैनी कृषि भूमि थी। वहां दालें और चावल उगाए जाते थे। हालांकि, परिवार की नई पीढ़ी नौकरियों की ओर रुख कर चुकी थी। लेकिन, 2017 में पहली बार ड्रैगन फ्रूट चखने के बाद प्रसाद की दिलचस्‍पी इसमें जगी। साल 2021 में लॉकडाउन के दौरान जब पढ़ाई ऑनलाइन चल रही थी तब प्रसाद ने अपने पिता को इस व्यावसायिक फसल की खेती के लिए राजी किया। फार्मेसी में मास्‍टर्स डिग्री होने के कारण दोस्तों और शिक्षकों ने उन्हें उसी सेक्‍टर में ही करियर बनाने की सलाह दी। लेकिन, प्रसाद ने खेती को पहला विकल्प चुना। एक इंटरव्‍यू में प्रसाद ने कहा, 'शुरुआत में लोग मुझसे सवाल पूछते थे - 'आपने B.Pharm और M.Pharm पूरा कर लिया है तो आप खेती में क्यों जा रहे हैं?' आपको फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नौकरी करनी चाहिए। मेरे कुछ शिक्षकों और दोस्तों ने भी मुझसे कहा कि खेती को प्लान B रखें। अपने करियर पर ध्यान दें।'

इंस्‍टाग्राम आया काम

जुलाई 2021 में प्रसाद ने लगभग 3 लाख रुपये का निवेश कर सोलापुर और गुजरात से जंबो रेड और एलिस रेड प्रजाति के 6,300 पौधे खरीदे। 2 एकड़ जमीन पर हाई-डेंसिटी ट्रेलिस सिस्टम, सीमेंट के खंभे, ऑर्गेनिक खाद (जीवामृत, गौ कृपा अमृत) और ड्रिप इरिगेशन की व्यवस्था की गई। हालांकि, अकोला का तापमान गर्मियों में 46–47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इस कड़कड़ाती धूप और फंगस की समस्या से शुरुआती दौर में 500 पौधे खराब हो गए। स्थानीय स्तर पर सही मार्गदर्शन न मिलने पर प्रसाद ने रिसर्च पेपर पढ़े। इंस्टाग्राम के जरिये वियतनामी किसानों से संपर्क करके फंगल इंफेक्‍शन और टेम्‍परेचर कंट्रोल के समाधान खोज निकाले।

दूसरे किसानों की खुली आंखें

पौधों के रोपण के 11 महीने बाद ही पहली फसल तैयार हो गई। इससे शुरुआत में लगभग 2 टन ड्रैगन फ्रूट और 1.5 लाख रुपये की कमाई हुई। पहली सफलता के बाद आसपास के दर्जनों किसान उनकी खेती देखने आने लगे। आज प्रसाद अपनी 17 एकड़ भूमि पर ड्रैगन फ्रूट की अलग-अलग प्रजातियों के अलावा 1,600 चंदन के पेड़, 1,700 सीताफल, 800 से ज्‍यादा आम, संतरा, मौसमी, एवोकाडो, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और पारंपरिक फसलें उगा रहे हैं। उनके फार्म में लगभग 28 किस्मों के ड्रैगन फ्रूट्स पर परीक्षण भी चल रहा है।

आज हर साल लाखों की कमाई

शुरुआत में स्थानीय फल विक्रेताओं की अनिच्छा को देखते हुए प्रसाद ने सीधे ग्राहकों तक पहुंचने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, विजिटिंग कार्ड्स और जिम/डॉक्टरों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया। थोक भाव जहां 80-100 रुपये प्रति किलो था। वहीं, सीधे बिक्री से उन्हें 200 रुपये प्रति किलो तक का भाव मिला। वर्तमान में वह थोक और खुदरा दोनों माध्यमों से बिक्री करते हैं। ड्रैगन फ्रूट और अन्य फसलों की बिक्री से उनका सालाना टर्नओवर लगभग 15 लाख रुपये तक पहुंच गया है। जबकि रखरखाव का सालाना खर्च 2.5-3 लाख रुपये के करीब आता है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 October 2026
नई दिल्‍ली: भारतीयों की कई पीढ़ियों के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ही शेयर बाजार से उनका पहला परिचय थी। इसके संस्थापक धीरूभाई अंबानी ने मध्यम आय वाले बचतकर्ताओं को…
 18 October 2026
नई दिल्‍ली: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और स्वदेशी आंदोलन की पृष्ठभूमि में एक साबुन का जन्‍म हुआ। इसका नाम था 'वतनी'। वनस्‍पति तेलों से बना यह गोदरेज का पहला साबुन था।…
 18 October 2026
नई दिल्‍ली: यह कहानी है प्रसाद रामचवरे की। वह महाराष्ट्र के अकोला जिले से हैं। मास्टर ऑफ फार्मेसी (M.Pharm) करने के बाद कॉर्पोरेट नौकरियों को छोड़ उन्‍होंने कृषि में अपना…
 18 October 2026
नई दिल्ली: गुजरात के साबरमती में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए 307 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक मेंटेनेंस हब बनाया जा रहा है। पश्चिम रेलवे के…
 18 October 2026
नई दिल्ली: भारत में अगर कोई व्यक्ति महीने के करीब 80,000 रुपये कमाता है, तो वह देश के सबसे ज्यादा कमाने वाले 10% लोगों में शामिल हो सकता है। लेकिन…
 18 October 2026
नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में इस हफ्ते बड़ी गिरावट आई है। सोना 3004 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 10191 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है।…
 16 October 2026
नई दिल्‍ली: वह 1970 और 80 का दशक था। भारतीय सड़कों पर एक स्‍कूटर का सिक्‍का चलने लगा था। नाम था प्रिया। इसने देश के करोड़ों मिडिल क्लास परिवारों के…
 16 October 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। इस बीच सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर 'विंडफॉल गेन्स टैक्स' बढ़ाकर 2.5 रुपये…
 16 October 2026
नई दिल्ली: फेस्टिव सीजन के बीच म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने बड़ा कदम उठाया है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के मौखिक निर्देशों के बाद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने आज से सभी…
Advt.