एलन मस्क की टेस्ला ने भारत में पकड़ी रफ्तार, एक साल में कमाए 247 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 12 गुना बढ़ा
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26-10-2026 12:36 PM
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला कंपनी के मालिक एलन मस्क ने भारत से बड़ी कमाई शुरू कर दी है। मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला की भारतीय इकाई टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 247.31 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। इस दौरान कंपनी को 5.16 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। भारत में कारों की बिक्री शुरू होने के बाद यह कंपनी का पहला वित्त वर्ष था, जिसमें गाड़ियों की बिक्री से बड़ी कमाई हुई।कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, FY26 में उसका रेवेन्यू करीब 12 गुना बढ़कर 247.31 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में यह 20.83 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी का मुनाफा भी बढ़कर 5.16 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 55.49 लाख रुपये था।कारों की बिक्री से कितनी कमाई?
टेस्ला इंडिया की कुल कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री का रहा। FY26 में कंपनी ने गाड़ियां बेचकर 214.69 करोड़ रुपये कमाए। यह उसकी कुल कमाई का करीब 87% है। वहीं, सर्विस से कंपनी को 32.40 करोड़ रुपये की कमाई हुई।इससे पहले FY25 में कंपनी की पूरी कमाई सर्विस से जुड़े कारोबार से हुई थी। यानी FY26 पहला वित्त वर्ष रहा, जब भारत में कारों की बिक्री ने कंपनी के रेवेन्यू में बड़ा योगदान दिया।भारत में बढ़ रही बिक्री
- भारत में टेस्ला ने 2025 में मुंबई में अपना पहला शोरूम खोला था। इसके बाद कंपनी ने यहां कारों की बिक्री शुरू की।
- सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच भारत में टेस्ला की 346 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ।
- इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान 650 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया गया।
- इस तरह कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती छह महीनों में ही पिछले पूरे वित्त वर्ष के मुकाबले ज्यादा गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन करा लिया।
- शुरुआती दौर में हर महीने औसतन करीब 49 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हो रहा था, जो बढ़कर लगभग 108 गाड़ियां प्रति माह हो गया।
टेस्ला ने लगाए 86 करोड़ रुपये
टेस्ला ने भारत में अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए निवेश भी बढ़ाया है। फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी ने FY26 में अपनी भारतीय इकाई में करीब 86 करोड़ रुपये की नई पूंजी लगाई। इसके अलावा प्रॉपर्टी, प्लांट और उपकरणों के साथ निर्माणाधीन संपत्तियों पर कंपनी का खर्च बढ़कर 62.54 करोड़ रुपये हो गया। FY25 में यह खर्च केवल 1.16 करोड़ रुपये था।