लखनऊ: राजधानी लखनऊ के नींवा गांव से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों ने जहर खा लिया। इस घटना में मां और बेटे की मौत हो गई। जबकि पिता की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।मृतकों की पहचान 52 वर्षीय तारावती और उनके 30 वर्षीय बेटे संदीप के रूप में हुई है। वहीं, परिवार के मुखिया 55 वर्षीय रूपनारायण को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी जान बचाने की कोशिश में जुटे हैं। घटना की जानकारी परिवार के छोटे बेटे कुलदीप ने दी। उसने बताया कि जब वह घर पहुंचा तो उसके पिता रूपनारायण उल्टियां कर रहे थे। वहीं, मां तारावती और बड़े भाई संदीप बेसुध हालत में पड़े हुए थे। तीनों के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे अंदेशा हुआ कि उन्होंने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया है।पिता की हालत गंभीर
यह देख कुलदीप के होश उड़ गए और उसने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को तत्काल पास के अस्पताल ले जाया गया। जहां प्रसाद हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने तारावती और संदीप को मृत घोषित कर दिया, जबकि रूपनारायण की हालत गंभीर है।
मृतक की जेब से मिला सुसाइड नोट
पुलिस को मृतक संदीप की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इस नोट में लिखा है अपनी मौत के जिम्मेदार केवल हम होंगे। हालांकि, असली वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है। बंथरा थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मामले की जांच जा रही है। आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस कदम के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।बैंक से लिया था लोन
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि परिवार होटल कारोबार से जुड़ा है। रूपनारायण गांव के बाहर चाय-समोसा का छोटा होटल चलाता था उसी से परिवार का गुजारा होता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान था। परिवार पर बैंक का लोन बकाया होने की बात भी सामने आई है, जिसे चुकाने में कठिनाई हो रही थी।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले बैंक की ओर से नोटिस भी चस्पा किया गया था। हालांकि, जहर खाने की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।