नई दिल्ली: साल 2027 के लिए आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक ग्रुप (डब्ल्यूबीजी) के संचालन मंडल का अगला प्रमुख नामित होने के बाद पाकिस्तान ताल ठोकता फिर रहा था। लेकिन, इसके कुछ ही दिनों बाद उसे अपनी ग्रोथ देखकर लाल होना पड़ रहा है। पाकिस्तान ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपनी GDP ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है। इसे घटाकर 3.65% कर दिया है। उद्योग और सेवा क्षेत्रों में आई कमजोरी के कारण ऐसा किया गया है। उसने बताया है कि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,896 डॉलर हो गई है, जबकि आर्थिक सुधार की रफ्तार असमान बनी हुई है।मंगलवार की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने चालू वित्त वर्ष (FY26) के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ के अनुमान को घटाया है। इसे घटाकर 3.65 फीसदी कर दिया है। सरकार ने इसका कारण औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में आई सुस्ती को बताया है।पिछले हफ्ते ताल ठोक रहा था पाकिस्तान
यह खबर ऐसे समय आई है जब बीते शुक्रवार को पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने बताया था कि वह 1953 के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक समूह (डब्ल्यूबीजी) के संचालन मंडल का अगला प्रमुख नामित हुआ है। आर्थिक मामलों के मंत्री और वर्ल्ड बैंक में पाकिस्तान के गवर्नर अहद खान चीमा को बैंकॉक में आयोजित डब्ल्यूबीजी-आईएमएफ वार्षिक बैठक 2026 के पूर्ण सत्र में औपचारिक रूप से आगामी प्रमुख घोषित किया गया।
इस बीच पाकिस्तान सरकार ने कहा कि देश की GDP में मामूली बढ़ोतरी हुई है। डॉलर के हिसाब से प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ी है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में देश के कुल उत्पादन में सुधार की रफ्तार धीमी रही है।लगातार घटा रहा है ग्रोथ के अनुमान
मई 2026 में सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अर्थव्यवस्था में 3.70% की ग्रोथ का अनुमान लगाया था। यह पहले के 4% के अनुमान में बदलाव करके तय किया गया था। 'डॉन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब इस कटौती से पता चलता है कि देश अपने GDP लक्ष्य को हासिल करने में पीछे रह गया है।
वित्त वर्ष FY26 के लिए कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में संशोधित ग्रोथ दरें 3.50%, 3.34% और 3.81% हैं, जबकि पहले ये दरें 2.89%, 3.51% और 4.09% थीं। यह बदलाव नेशनल अकाउंट्स कमिटी (NAC) की 118वीं बैठक के दौरान किया गया। सोमवार को पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स में यह आयोजित हुई थी।क्या कहते हैं आईएमएफ, विश्व बैंक के आंकड़े?
NAC का यह अनुमान काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के अनुमानों से मेल खाता है। हालांकि, इसमें कुछ मामूली अंतर भी हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 3.6% लगाया है। विश्व बैंक ने 3.7% और एशियाई विकास बैंक ने 3.7% का अनुमान दिया है। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को उम्मीद है कि ग्रोथ लगभग 3.7% के आसपास रहेगी।
पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था का इतना आकार
वित्त वर्ष 2025 में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का आकार 410.96 अरब अमेरिकी डॉलर था। यह वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 450.4 अरब डॉलर हो गया। इसमें मुख्य योगदान सेवा क्षेत्र का रहा। इसके बाद उद्योग और पशुधन क्षेत्र का स्थान था।FY26 में प्रति व्यक्ति आय मामूली रूप से बढ़कर 1,896 डॉलर हो गई (जो इस क्षेत्र में सबसे कम है), जबकि FY25 में यह 1,824 डॉलर थी।
लाइफस्टाइल में लगातार गिरावट
यह अनुमान 2023 की जनगणना पर आधारित है। हालांकि, FY23 में यह 1,551 डॉलर, FY22 में 1,766 डॉलर और FY21 में 1,677 डॉलर थी।
इससे पता चलता है कि समाज के लगभग सभी वर्गों के जीवन स्तर में गिरावट आई है। अभूतपूर्व महंगाई के दबाव के कारण व्यक्तिगत आय में कोई ठोस बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे खर्च करने योग्य आय (डिस्पोजेबल इनकम) कम हो गई है। इसके चलते लोगों की वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने, बचत करने या निवेश करने की क्षमता सीमित हो गई है।दूसरी ओर दौड़ रहा भारत
जहां पाकिस्तान के ग्रोथ अनुमान घट रहे हैं। वहीं, भारत उसके उलटी दिशा में बढ़ रहा है। दुनिया उसकी ग्रोथ की रफ्तार देखकर दंग है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ 7.8 फीसदी रही। आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) जैसे तमाम संस्थानों ने उसके ग्रोथ के अनुमानों में इजाफा किया है।