
भोपाल। राजधानी के राजा भोज एयरपोर्ट पर इस मानसून में बार-बार उड़ानें डायवर्ट होने की समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी। एयरपोर्ट अथारिटी ने अत्याधुनिक कैटेगरी-2 इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) की औपचारिक टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया है। हाल ही में स्थापित उपकरणों की रियल टाइम टेस्टिंग मानसून में हो होगी। एयरपोर्ट अथारिटी ने हाल ही में अत्याधुनिक आईएलएस सिस्टम की स्थापना का काम पूरा किया है। इसकी मदद से लो विजिब्लिटी होने पर भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग कराई जा सकती है।
पहले रनवे विजुअल रेंज (आरवीआर) रन-वे पर लगी लाइटिंग की मदद से 550 मीटर तक दृश्यता होने पर विमान लैंड हो पाते थे। नए सिस्टम की मदद से 350 मीटर दृश्यता होने पर भी विमान लैंड हो सकते हैं। नए सिस्टम की मदद से हाल के दिनों में भोपाल आ रही कई उड़ानों को खराब मौसम में भी डायवर्ट होने के बजाय सुरक्षित लैंड कराया गया है। मानसून के दौरान अक्सर तेज वर्षा के साथ दृश्यता कम हो जाती है। ऐसे समय में एटीसी विमानों को पास के हवाई अड्डों पर लैंडिंग की सलाह देता है पर अब ऐसा नहीं होगा।
लोकलाइजर से सेफ लैंडिंग नया अपग्रेडेट सिस्टम स्थापित होने के साथ ही विमानों को लैंडिंग के समय सेंट्रल लाइन तक पहुंचाने में मदद करने वाले लोकलाइजर सिस्टम का उपयोग भी शुरू हो गया है। इसकी मदद से विमान सीधी दिशा में रनवे से एप्रैन तक पहुंच पाते हैं। ग्लाइड स्लोप एवं अप्रौच पाथ इंडिकेटर भी लगे हैं। इसकी मदद से विमानों को ट्रेफिक क्षेत्र में आते ही रनवे नजर आ रहा है। इससे सुरक्षित लैंडिंग हो रही है पायलटों को सेफ लैंडिंग में मदद मिल रही है। वर्तमान में दिल्ली, मुंबई सहित देश के चुनिंदा एयरपोर्ट पर ही भोपाल से अपग्रेड आइएलएस सिस्टम लगा है।
भोपाल मध्यप्रदेश का पहला ऐसा एयरपोर्ट है जहां अत्याधुनिक अपग्रेडेट आईएलएस सिस्टम स्थापित है। अब खराब मौसम के समय दूसरे शहरों की ओर जा रहे विमान भी भोपाल में डायवर्ट होकर लैंड हो सकते हैं।वर्जन-आधुनिक सिस्टम से मिलेगी मददनए सिस्टम की स्थापना कुछ समय पहले की गई थी। मानसून एवं इसके बाद सर्दी में कोहरा होने पर विमानों को डायवर्ट कर देना पड़ता था। अब यह समस्या नहीं रहेगी।