स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में धमतरी जिला प्रदेश में अव्वल

Updated on 20-10-2026 07:00 PM

धमतरी । ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत परिवारों को उनकी संपत्ति का स्वामित्व प्रमाण उपलब्ध कराने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना का धमतरी जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि में निवासरत पात्र परिवारों के अधिकारों का अभिलेखीकरण कर उन्हें अधिकार अभिलेख प्रदान किए जा रहे हैं। अधिकार अभिलेख तैयार करने और उनके वितरण के क्षेत्र में धमतरी जिला प्रदेश में अग्रणी है। जिले में अब तक 50 हजार से अधिक पात्र परिवारों को अधिकार अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं।

   वही  इसी माह सेवा संकल्प अभियान के तहत अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री  टंकराम वर्मा द्वारा कार्यक्रम में 40 हितग्राहियों को स्वामित्व प्रमाण पत्र (पॉसेशन सर्टिफिकेट) प्रदान किए गए।

501 राजस्व ग्रामों में ड्रोन सर्वेक्षण

स्वामित्व योजना के अंतर्गत जिले के 501 ग्रामीण राजस्व ग्रामों में सर्वे ऑफ इंडिया (SOI) द्वारा ड्रोन सर्वेक्षण कराया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य आबादी भूमि का सटीक मानचित्र तैयार कर उस पर निवासरत परिवारों के भूखंडों एवं संपत्तियों की पहचान सुनिश्चित करना है। ड्रोन से प्राप्त आंकड़ों और मानचित्रों के आधार पर अधिकार अभिलेख तैयार करने की कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।

सीमा निर्धारण से लेकर अभिलेख निर्माण तक बहुस्तरीय प्रक्रिया

योजना के तहत अधिकार अभिलेख तैयार करने के लिए कई चरणों में कार्य किया जाता है। सर्वप्रथम राजस्व विभाग के मैदानी अमले द्वारा पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक (आरआई) के माध्यम से आबादी भूमि की सीमाओं का निर्धारण किया जाता है। इसके बाद राजस्व एवं पंचायत विभाग के समन्वय से आबादी क्षेत्र के भीतर स्थित मकानों, भूखंडों तथा शासकीय परिसंपत्तियों की सीमाओं को चूने से चिह्नित कर उनका भौतिक सत्यापन किया जाता है।

सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त मानचित्रों का पटवारी द्वारा स्थल पर मिलान कर प्रारंभिक अभिलेख तैयार किए जाते हैं। आवश्यकतानुसार मानचित्रों में संशोधन के बाद ग्राम पंचायतों में अभिलेखों का प्रथम प्रकाशन किया जाता है। इस दौरान प्राप्त दावा-आपत्तियों का ई-कोर्ट के माध्यम से नियमानुसार निराकरण कर आवश्यक संशोधन किए जाते हैं। इसके पश्चात ग्राम पंचायत का प्रस्ताव पारित कर अभिलेखों का अंतिम प्रकाशन, पोर्टल पर अपलोड करने और पात्र हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

63,826 अधिकार अभिलेख तैयार, वितरण का कार्य जारी

जिले में योजना के तहत 501 ग्रामों में प्रथम प्रकाशन की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। अब तक 390 से अधिक ग्रामों में अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिले में पात्र परिवारों को वितरित किए जाने वाले अधिकार अभिलेखों का निर्धारित लक्ष्य 78,416 है, जिसके विरुद्ध अब तक 63,826 अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 47 हजार से अधिक अधिकार अभिलेख पात्र हितग्राहियों को वितरित किए जा चुके हैं। शेष ग्रामों में अभिलेख निर्माण एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को नवंबर 2026 तक पूर्ण करने के लिए कार्य जारी है।

ग्रामीण परिवारों को मिलेंगे दूरगामी लाभ

स्वामित्व योजना से ग्रामीण परिवारों को अपनी आबादी भूमि पर स्वामित्व का दस्तावेजी प्रमाण प्राप्त होता है। इससे संपत्ति संबंधी अधिकारों में स्पष्टता आती है तथा भूमि और मकान से जुड़े विवादों की रोकथाम में सहायता मिलती है। अधिकार अभिलेख भविष्य में पात्रता एवं संबंधित नियमों के अधीन बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच, संपत्ति संबंधी लेन-देन तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी उपयोगी हो सकते हैं। साथ ही, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण से पारदर्शिता बढ़ती है और ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति प्रबंधन अधिक व्यवस्थित बनता है।

समयबद्धता के साथ शुद्धता पर विशेष जोर

कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का विधिवत अभिलेख उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। जिले में योजना के क्रियान्वयन के दौरान अभिलेखों की शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष ग्रामों में आवश्यक प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा अधिकार अभिलेखों के निर्माण एवं वितरण में त्रुटिरहित कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से धमतरी जिले में ग्रामीण आबादी भूमि का व्यवस्थित अभिलेखीकरण हो रहा है। ड्रोन तकनीक, मैदानी सत्यापन, दावा-आपत्तियों के निराकरण और डिजिटल अभिलेख प्रबंधन के समन्वय से ग्रामीण परिवारों को संपत्ति संबंधी अधिकारों का दस्तावेजी आधार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शी भूमि प्रबंधन, सुशासन और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 October 2026
बिलासपुर जोन में ट्रेनों की लेटलतीफी का असर इस बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के सफर पर भी देखने को मिला। बिलासपुर के 2 दिवसीय…
 24 October 2026
रायपुर में ठगों ने WhatsApp पर कंपनी के डायरेक्टर की पहचान का इस्तेमाल कर 80 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने डायरेक्टर विजय राठी के नाम और प्रोफाइल…
 24 October 2026
छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक मौसम ड्राई रहने के बाद 27 अक्टूबर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा लो प्रेशर मजबूत…
 24 October 2026
GRP के बर्खास्त आरक्षक लक्ष्मण गाइन ने ट्रेनों में गांजा तस्करों से अवैध वसूली और गांजा की तस्करी कर 1.03 करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की…
 24 October 2026
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 50 एक्सप्रेस ट्रेनों को 27 नवंबर से 17 दिसंबर 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों में कैंसिल किया गया है। वहीं, आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस राउरकेला तक…
 24 October 2026
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के ब्रांड एंबेसडर और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह का मानना है कि यह लीग प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका है।…
 23 October 2026
कोरबा ।  छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, उनकी आकांक्षाओं को समझने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित…
 23 October 2026
दुर्ग । दुर्ग जिले के 11 थानों में वर्ष 2011 से पहले दर्ज 294 आबकारी प्रकरणों में जब्त अनुपयोगी शराब को न्यायालय और कलेक्टर के आदेश पर नष्ट किया गया।…
 23 October 2026
रायपुर। युवा बड़े सपने देखें, अपने विचारों को व्यापक बनाएं और अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ें। परिस्थितियां और चुनौतियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन प्रत्येक…
Advt.