नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल में कहा कि कई बार खिलाड़ियों को लंबे समय तक वहां रखा जा रहा है। इससे उनकी फिटनेस और प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने फिटनेस के लिए होने वाली कई एक्सरसाइज को लेकर भी अपनी राय दी। बीसीसीआई का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विवादों में रहा है। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जसप्रीत बुमराह के नहीं खेलने पर भी बवाल हुआ था।पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्पोर्ट्स साइंस, मेडिकल टीम और सीनियर नेशनल चयन समिति के बीच बातचीत में कमी है। रिपोर्ट में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का हवाला दिया गया, जिसमें जसप्रीत बुमराह नहीं खेल पाए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पहले चयन समिति से कहा गया था कि बुमराह इसके लिए पूरी तरह फिट होंगे, लेकिन बाद में वह चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।वरुण को घरेलू लीग खेलने की अनुमति नहीं
रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि अब तीनों फॉर्मेट में अलग टीम बनाने का समय आ गया है। एक-दो खिलाड़ियों को तीनों टीमों में या दो टीमों में रखा जा सकता है। खिलाड़ियों की चोट मैनेज करने के लिए किसी को जिम्मेदारी लेनी होगी। मैं जानता हूं कि वरुण चक्रवर्ती पिछले तीन या चार महीने तक नेशनल क्रिकेट एकेडमी में रहे। हम उनको तमिलनाडु प्रीमियर लीग में खेलने देने की अनुमति मांग रहे थे, लेकिन उन्हें इस लीग में नहीं खेलने दिया गया। वरुण को एक महीने में ही वापस आ जाना चाहिए था, लेकिन वह 3-4 महीने तक वहां रहे।
अश्विन ने अपनी चोट के बारे में भी बताया
अश्विन ने इस दौरान अपनी चोट से जुड़ी एक घटना के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, 'एक खिलाड़ी के रूप में आपको देखना होता है कि आपकी ट्रेनिंग सही है। आप सही एक्सरसाइज कर रहे हैं। मुझे एकमात्र साइड स्ट्रेन 2015 में हुआ था और यह ओलंपिक लिफ्टिंग के कारण हुआ था। इसके बाद मैंने स्नैचिंग बंद कर दी। ओलंपिक लिफ्टिंग से आप तेज होते हैं। आपकी ताकत बढ़ती है, लेकिन अगर आप चोटिल होते हैं तो यह आपके लिए फायदेमंद नहीं है। खिलाड़ी को यह देखना चाहिए कि वह क्या कर रहा है।'