नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस समय चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों और मनमाने ढंग से फैसले लेने के आरोपों को लेकर भारी विवादों में आ गए हैं। दरअसल, एक अखबार की रिपोर्ट में बीते 23 सितंबर को गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया गया कि चुनाव आयोग के अन्य दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR पर पिछले 10 महीनों में मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई थी। लेकिन ज्ञानेश कुमार ने उनकी एक नहीं सुनी। यह पहली बार नहीं है जब ज्ञानेश कुमार विवादों में आए हैं।कुछ महीने पहले भी उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए 193 विपक्षी सांसदों ने साइन कर दिया था। उनके खिलाफ वोट चोरी, वोटर लिस्ट से गलत तरीके से नाम हटाने, चुनाव प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाया गया था। हालांकि, संसद ने इस नोटिस को सिरे से खारिज कर दिया था। तो चलिए जानते हैं आखिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कौन हैं? फिर से विवादों में क्यों आ गए हैं? इससे पहले वह कब-कब विवादों में रहे?ज्ञानेश कुमार पर ताजा विवाद क्या है?
यह पूरा विवाद मुख्य रूप से मतदाता सूचियों की एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान नाम जोड़ने, हटाने और डेटा हैंडलिंग को लेकर उपजा है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए उपयोग होने वाले 'फॉर्म-6' में यह नियम जोड़ा गया कि आवेदक को यह बताना होगा कि क्या एसआईआर के दौरान उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम वोटर लिस्ट में था या नहीं। यदि था, तो उनका वोटर आईडी कार्ड नंबर और विवरण देना आवश्यक किया गया।वहीं, इस मामले पर चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि बिना कानून या विधिवत अनुमति के फॉर्म के प्रारूप में इस तरह का बदलाव करना अधिकार क्षेत्र से बाहर और गैर-कानूनी है।कौन हैं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार?
ज्ञानेश कुमनार 1988 बैच के केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। उन्होंने 19 फरवरी 2025 को निवर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पदभार संभाला था। उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने आईसीएफएआई (ICFAI) इंडिया से बिजनेस फाइनेंस और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पर्यावरण अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है। वह 1988 बैच के केरल कैडर के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं।ज्ञानेश कुमार किस-किस पद पर रह चुके हैं?
- 19 फरवरी 2025 से मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
- 15 मार्च 2024 से 18 फरवरी 2025 तक चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी संभाली।
- मई 2022 से 31 जनवरी 2024 तक सहकारिता मंत्रालय में सचिव रहे।
- साल 2016 से 2021 तक गृहमंत्रालय के संयुक्त और अतिरिक्त सचिव रहने के दौरान महत्वपूर्ण कश्मीर संभाग का नेतृत्व किया और वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने तथा राज्य के पुनर्गठन के समय प्रमुख प्रशासनिक भूमिका निभाई।
- रक्षा उत्पादन विभाग में संयुक्त सचिव रहते हुए 2007 से 2012 के दौरान रक्षा मंत्रालय के तहत सभी डिफेंस शिपयार्डों के आधुनिकीकरण का कार्य देखा।
ज्ञानेश कुमार कब-कब विवादों में रहे
- पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।
- ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए थे। मार्च 2024 में ज्ञानेश कुमार को जल्दबाजी में चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया था।
- विपक्ष ने आरोप लगाया था कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग ने भाजपा नेताओं द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई करने में जानबूझकर देरी की।
- नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी का आरोप लगाया था जिसके बाद ज्ञानेश कुमार ने सफाई भी दी थी।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च 2026 में विपक्ष के 193 सांसदों ने हटाने (महाभियोग) के नोटिस पर हस्ताक्षर किए थे।
- विपक्ष ने मतदाता सूची से नाम गलत तरीके से हटाने, चुनावी प्रक्रिया में भेदभाव और पद के गरिमा के खिलाफ काम करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।