पटना: बिहार सरकार के विभिन्न विभागों और जिला प्रशासनों की ओर से 17 सितंबर 2026 से 'सेवा संकल्प अभियान' का आगाज किया जा रहा है। इस अभियान के तहत राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों, पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी परिसरों में शाम के समय 'आशीर्वाद का दीया' जलाया जाएगा। दानापुर, समस्तीपुर, दरभंगा और पूर्णिया समेत कई जिलों के शिक्षा अधिकारियों और समाहरणालयों की ओर से आदेश पत्र जारी किए गए हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जन-भागीदारी को बढ़ावा देना और सरकारी पहलों से आम जनता को जोड़ना है। मगर, ये पूरी कवायद पीएम मोदी की जन्मदिन को ग्रैंड सेलिब्रेशन के लिए किया जा रहा है। बिहार की विपक्षी पार्टी आरजेडी ने इसकी तीखी आलोचना की है।'आशीर्वाद का दीये' पर आरजेडी का तीखा वार
आरजेडी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 'क्या बिहारवासी नरेंद्र मोदी के नौकर हैं? क्या बिहार का शिक्षा विभाग, अन्य सरकारी विभाग या सरकारी कर्मी इसलिए हैं कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महिमामंडन करें? क्या कभी BJP JDU सरकार द्वारा विभाग के कर्मियों के लिए अपने काम में कर्मठता, शुचिता और तत्परता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किया गया? क्या भारत के किसी भी प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में आज तक सुनिश्चित किया कि उनके जन्मदिन पर सरकारी खर्च पर कार्यालयों में कार्यक्रम किए जाएं? जिस प्रधानमंत्री ने बाढ़ग्रस्त बिहार के लोगों के लिए भरोसे और सांत्वना के दो शब्द नहीं बोले, बाढ़ राहत पहुंचाना तो बहुत दूर की बात है, वह प्रधानमंत्री और उसके चमचे भला बिहारवासियों से कैसे अपेक्षा कर रहे हैं कि उसके जन्मदिन पर बाढ़ से परेशान बिहारवासी दीये जलाएंगे? कोई आदमी इतना आत्ममुग्ध और निष्ठुर कैसे हो सकता है? किसी राजनीतिक दल के लोग इतने बड़े चाटुकार कैसे हो सकते हैं? कुछ तो गरिमा और मर्यादा रखिए!'विद्यालयों के लिए न्यूनतम दीप प्रज्वलन का कोटा तय
दानापुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जारी आदेशानुसार, 17 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे के बीच सभी प्राथमिक, मध्य, उच्च माध्यमिक विद्यालयों और KGBV में दीप जलाए जाएंगे।- प्राथमिक विद्यालय: न्यूनतम 25 दीप
- मध्य विद्यालय: न्यूनतम 40 दीप
- उच्च माध्यमिक विद्यालय (नया): न्यूनतम 50 दीप
- उच्च माध्यमिक विद्यालय (पुराना): न्यूनतम 100 दीप
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाइप-1 और 4): 100 से 150 दीप
इस पूरे कवायद का मतलब ये हुआ कि स्कूलों के शिक्षक/शिक्षिका दीया जलाने के लिए शाम 7 बजे तक स्कूल में ही रहेंगे। जबकि, स्कूलों की छुट्टी 4 बजे तक हो जाती है। वैसे, बिहार के सरकारी कैलेंडर में 17 सितंबर को प्रतिबंधित या ऐच्छिक अवकाश (Restricted Holiday) की श्रेणी में रखा गया है। जिला प्रशासन या स्कूल के हेडमास्टर चाहें तो अपने स्तर पर छुट्टी का ऐलान कर सकते हैं।समस्तीपुर में अलग-अलग विभागों को मिला जिम्मा
समस्तीपुर समाहरणालय के आदेशानुसार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' आयोजित होगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी, पंचायत राज अधिकारी, जीविका, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों (CHC/PHC) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की संरचनाओं पर दीप प्रज्वलन कराने का दायित्व सौंपा गया है।
दरभंगा और पूर्णिया जिलों में प्रशासनिक तैयारियां
दरभंगा के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्राथमिक, माध्यमिक और KGBV विद्यालयों को शाम 7 बजे 5 दीप प्रज्वलित कर फोटोग्राफ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। वहीं, पूर्णिया जिलाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में 'सेवा संकल्प अभियान' और समाहरणालय परिसर में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के सफलता पूर्वक संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।व्हाट्सएप और नोटकैम से होगी फोटोग्राफी निगरानी
सभी जिलों में इस कार्यक्रम की पारदर्शी निगरानी के लिए नोटकैम (Notecam) ऐप से फोटो और वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों और संबंधित केंद्रों के प्रमुखों को कार्यक्रम संपन्न होते ही तस्वीरें व्हाट्सएप के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों और नोडल पदाधिकारियों को उपलब्ध करानी होंगी।