
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के व्यक्तिगत अनुभवों को सामने लाना और रेल सेवाओं को बेहतर बनाना है। रेलवे का मानना है कि यात्रियों की वास्तविक कहानियां सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दे सकती हैं। यही कारण है कि इस प्रतियोगिता के जरिए लोगों को अपनी यात्रा के अनुभव लिखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता में देश का कोई भी नागरिक हिस्सा ले सकता है। प्रतिभागियों को अपनी रेल यात्रा से जुड़ी कहानी हिंदी भाषा में लिखकर भेजनी होगी। यह लेख पूरी तरह मौलिक होना चाहिए और इसमें व्यक्तिगत अनुभव, भावनाएं और यात्रा के खास पल शामिल होने चाहिए।
लेख की शब्द सीमा 3000 से 3500 शब्द निर्धारित की गई है, ताकि प्रतिभागी अपने अनुभवों को विस्तार से प्रस्तुत कर सकें।
प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। प्रथम पुरस्कार के रूप में 10,000 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 8,000 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 6,000 हजार रुपए रखा गया है। इसके अलावा पांच प्रतिभागियों को 4,000 हजार रुपए के प्रेरणा पुरस्कार भी दिए जाएंगे। यह पहल प्रतिभागियों को प्रेरित करने और उनकी रचनात्मकता को सम्मान देने के उद्देश्य से की गई है।
लेख भेजते समय कुछ महत्वपूर्ण निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। लेख डबल स्पेस में टाइप किया जाना चाहिए और प्रत्येक पेज पर पर्याप्त मार्जिन होना चाहिए। साथ ही सभी पन्नों पर क्रम संख्या अंकित होना जरूरी है।
इसके अलावा एक अलग पृष्ठ पर लेखक की पूरी जानकारी जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देना भी अनिवार्य है, ताकि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इच्छुक प्रतिभागी अपनी प्रविष्टि 31 जुलाई तक रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली के पते पर भेज सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
यह योजना न केवल यात्रियों को अपनी यादों को शब्दों में ढालने का अवसर देती है, बल्कि उन्हें सम्मान और पुरस्कार पाने का भी मंच प्रदान करती है।