अटलांटा स्टेडियम में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच फीफा वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल होने वाला है। गतविजेता लियोनेल मेसी की टीम बैक टू बैक दूसरा फाइनल खेलने की फिराक में है। तो वहीं इंग्लिश टीम चाहेगी कि 60 साल के सूखे को खत्म करते हुए खिताबी मुकाबले में जगह बनाई जाए। जीतने वाली टीम 20 जुलाई को स्पेन के खिलाफ ट्रॉफी के लिए भिड़ेगी। ऐसे में जानते हैं वो 5 खिलाड़ी कौन से हैं जो सेमीफाइनल का नतीजा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।लियोनेल मेसी
अर्जेंटीना के सबसे बड़े सुपरस्टार लियोनेल मेसी का नाम सबसे पहले आना लाजमी है। अपनी टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में मेसी का अहम योगदान रहा है। वह वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा 8 गोल करने वाला खिलाड़ी भी हैं। गोल्डन बूट भी उनके नाम हो सकता है। क्योंकि किलीयन एम्बाप्पे (8) की टीम सेमीफाइनल में स्पेन के खिलाफ हारने के बाद बाहर हो गई है।
हैरी केन
6 मैचों में 6 गोल के साथ हैरी केन भी गोल्डन बूट की रेस में लगातार बने हुए हैं। अर्जेंटीना के सामने उनको रोकने की चुनौती होने वाली है। डीआर कांगो के खिलाफ राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड 76वें मिनट तक पिछड़ा हुआ था। इस मौके पर हैरी ने 10 मिनट के भीतर 2 गोल दाग कर अपनी टीम को अगले चरण में पहुंचाया। इससे साबित होता है कि केन किसी भी मौके पर खेल का रुख पलटने का दम रखते हैं।
एमिलियानो मार्टिनेज
अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज सेमीफाइनल में सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक होने वाले हैं। एक तरफ लियोनेल मेसी पर गोल कर टीम को आगे खड़ा करने की जिम्मेदारी होगी। तो वही मार्टीनेज को सुनिश्चित करना होगा कि इंग्लैंड को कोई भी हमला नेट्स तक न पहुंच पाए। वर्ल्ड कप 2026 में उन्होंने सिर्फ 6 गोल खाए हैं। जबकि 8 का बचाव किया है।
जूड बेलिंघम
जूड बेलिंघम सेमीफाइनल में हैरी केन के साथ अर्जेंटीना के डिफेंस को टेस्ट करेंगे। वर्ल्ड कप 2026 में उनका प्रदर्शन भी शानदार है। वह अबतक 6 गोल कर चुके हैं। नॉर्वे के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने 2 गोल कर अपनी टीम की जगह अंतिम-4 में जगह पक्की की थी। ऐसे में सभी की नजरें उनके ऊपर रहने वाली हैं।
जॉर्डन पिकफोर्ड
इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड का अपनी टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में बेहद अहम रोल रहा है। वर्ल्ड कप 2026 में पिकफोर्ड ने भी 6 गोल खाए हैं, लेकिन बचाव करने के मामले में वह अर्जेंटीना को गोलकीपर से आगे हैं। जॉर्डन की मुस्तैदी तय करेगी कि इंग्लिश टीम 20 जुलाई को फाइनल खेलेगी या फिर फ्रांस के खिलाफ तीसरे स्थान के लिए भिड़ेगी।