पिता हैं गांव के छोटे किसान
राधा की कहानी संघर्षों से भरी रही है। उनके पिता कालूराम किसान हैं और परिवार में दो छोटे भाई हैं। घर में पहले कोई उच्च शिक्षित नहीं था, लेकिन शिक्षा के प्रति परिवार की सकारात्मक सोच ने उसेआगे बढ़ने की ताकत दी। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच परिवार का सहयोग मिला। प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल और इसके बाद कन्या शाला ब्यावरा से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने इंदौर गई। बायोलॉजी, जूलॉजी और बॉटनी विषयों के साथ स्नातक की पढ़ाई की।
एकाग्रता रखें तो सफलता मिलेगी
परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से करे तो सफलता अवश्य मिलती है। हमें तैयारी के दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इनसे घबराने की बजाए, कंसिस्टेंसी के साथ पढ़ते रहे, सिलेबस के अनुसार पढ़े और रिवीजन करे तो जरूर सफलता मिलती है।
