गुरुवार सुबह करोंद चौराहे के पास मेट्रो की अंधाधुंध खुदाई के दौरान मुख्य कोलार पाइपलाइन अचानक फूट गई। देखते ही देखते सड़कों पर सैलाब आ गया और लाखों गैलन कीमती साफ पानी बहकर बर्बाद हो गया।
नगर निगम की टीम देर रात तक लाइन की मरम्मत में जुटी रही, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था।
एक सप्ताह में होगा सुधार
निगम अधिकारियों के अनुसार, पूरे प्रभावित इलाके में जल प्रदाय व्यवस्था सामान्य होने में करीब 1 सप्ताह का समय लग सकता है। आज (शुक्रवार) पुराने भोपाल की करीब 1 लाख से अधिक आबादी तक पानी नहीं पहुंचेगा।
बिना लाइन शिफ्ट किए ही कर रहे खुदाई
बीते 15 दिनों में निर्माण एजेंसियों ने 14 बार पानी की मुख्य पाइपलाइन तोड़ी है। नगर निगम के स्पष्ट नियम और निर्देश हैं कि कोई भी निर्माण एजेंसी खुदाई का काम शुरू करने से पहले वहां से गुजर रही पानी और सीवेज की लाइनों को शिफ्ट करेगी।
इसके बावजूद मेट्रो, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी (PWD) जैसी एजेंसियां बिना लाइन शिफ्टिंग किए ही सीधे भारी मशीनों से खुदाई कर रही हैं। एजेंसियों की इस मनमानी से नगर निगम को अब तक लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान भी हो चुका है।