
मंत्री बोले-विधायक को मानदेय मिला, उनके बेटे का बकाया
मुझे लगता है कि किसी विधायक का इतना जागरूक होना बेहतर है। मैंने उसकी जानकारी ली तो ये बात सच है कि उनको पहले पांच महीने और बाद के पांच महीने (जब वो विधानसभा चुनाव लड़ रहे होंगे) तब का मानदेय नहीं मिला, लेकिन बीच के कालखंड का वेतन मिला है। उसके पांच महीने बाद उनके पुत्र सरपंच बने। उसका रिकॉर्ड बुलवाया है। पता चला कि उनको पेमेंट नहीं मिला। उसके कारण हमने सीईओ पर भी कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
पंचायत मंत्री ने कहा- मैंने ये निर्देश दिए हैं कि किसी भी सरपंच या पंच का मानदेय तीन महीने में नहीं देंगे, तो आपके खिलाफ कार्रवाई होगी। मानदेय बढ़ाने को लेकर मंत्री ने कहा- 2023 में मानदेय बढ़ा है। हमारी विधानसभा की कमेटी सिफारिश करेगी तब करेंगे। या कोई मैकेनिज्म होगा कि जब विधायक का बढ़े तो बाकी जनप्रतिनिधियों का भी उसी रेश्यो में बढ़ जाए उसको लेकर विचार करेंगे।