
भोपाल। होली का त्योहार नजदीक आते ही घर लौटने की चाह हर दिल में जाग उठती है। लोग अपनों के साथ रंगों की खुशियां बांटना चाहते हैं, लेकिन इस बार सफर आसान नहीं है। भोपाल से दिल्ली, मुंबई, बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है।
इंदौर–पटना, कर्नाटका और हमसफर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। सीट न मिलने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ रही है, जिससे खर्च और परेशानी दोनों बढ़ गए हैं।
होली हो या दिवाली, बड़े त्योहारों के दौरान ट्रेनों में कंफर्म सीट न मिलना अब आम समस्या बन गई है। यात्रा की तारीख से करीब एक महीने पहले ही अधिकांश ट्रेनों में 'नो रूम' की स्थिति दिखाई देने लगती है। वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है और कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि हर साल त्योहारों के समय यही स्थिति बनती है।
मजबूरी में लोगों को तत्काल टिकट का सहारा लेना पड़ता है, जहां भीड़ और अधिक रहती है। कई यात्रियों को घर पहुंचने के लिए बस, फ्लाइट या निजी वाहन जैसे महंगे विकल्प चुनने पड़ते हैं। यात्रियों की मांग है कि त्योहारों से पहले रेलवे को अतिरिक्त या स्पेशल ट्रेनों की घोषणा करनी चाहिए, ताकि भीड़ का दबाव कम हो सके और लोगों को समय पर कंफर्म सीट मिल सके।
होली पर्व पर यात्रियों की सुविधा हेतु भारतीय रेलवे ने देशभर में 1410 विशेष ट्रेनों का संचालन किया है, जिनमें पश्चिम मध्य रेल से 43 ट्रेनें शामिल हैं। भोपाल मंडल से रीवा-रानी कमलापति (02192/02191, 02186/02185), भोपाल–रीवा (01704/01703) तथा रानी कमलापति–दानापुर (01667/01668) स्पेशल ट्रेनें निर्धारित तिथियों पर चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों के संचालन से त्योहार के दौरान अतिरिक्त भीड़ कम होगी और यात्रियों को सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी।