
चौंकाने वाली बात यह है कि एनसीआरबी के आंकड़ों में भोपाल के मुकाबले इंदौर में आत्महत्या के मामले ज्यादा हैं, लेकिन विधानसभा में पेश रिपोर्ट में पिछले चार साल में इंदौर के मुकाबले भोपाल में आत्महत्या करने वालों की संख्या ज्यादा है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) 2023 की रिपोर्ट में भी आत्महत्या के मामले में मध्य प्रदेश महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर रहा।
प्रदेश में बढ़ते आत्महत्या के मामले न सिर्फ पुलिस बल्कि समाज और सरकार के लिए भी चिंता का विषय हैं। एक जनवरी 2022 से अब तक के आत्महत्या से जुड़े मामलों की यह जानकारी डॉ. मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से बुधवार को विधानसभा में नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार के प्रश्न के लिखित जवाब में दी। इस दौरान यह भी बताया गया कि कुछ मामलों में आत्महत्या के लिए उकसाने वालों पर भी एफआइआर दर्ज की गई है।
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में चार साल में आत्महत्या के 119 मामले दर्ज हुए। वहीं बीते एक वर्ष में यह आंकड़ा 50 रहा।