इसके बाद दीपक ने गायों के परीक्षण और प्रबंधन के लिए सख्त नियम बनाए। उन्होंने अच्छी क्वालिटी वाले सीमेन का इस्तेमाल किया। इससे स्वस्थ और ज्यादा दूध देने वाले पशु मिले। बिंसर फार्म्स को स्थानीय डेयरी व्यवसायों पर बढ़त मिली। किसानों को दूध के उचित दाम न मिलने की समस्या को देखते हुए दीपक और उनके साथियों ने अपनी दूध को बोतलों में पैक करना शुरू किया। शुरुआत में रोजाना सिर्फ 4 से 10 लीटर दूध बिकता था। लेकिन, क्वालिटी की वजह से यह जल्द ही 7,000 से 8,000 लीटर तक पहुंच गया। 2023 में बिंसर फार्म्स ने 23 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया। इसमें 5-6% का नेट मार्जिन था।
